अध्याय 80

लायला ने गहरी साँस ली, उसकी आँखें हल्की-सी फैल गईं। “वो मान गया? मैं स्टैंटन ग्रुप में काम कर सकती हूँ?”

बेट्टी मुस्कुराई, उसके भाव में चालाकी की हल्की-सी झलक थी। “बिलकुल, वो मान गया।”

लायला भोली नहीं थी। वह तुरंत बेट्टी का मतलब समझ गई।

“तो, जब तक तुम्हें जो चाहिए वो नहीं मिल जाता, तब तक एक आज्ञा...

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